रायगढ़ : ‘उड़ान प्रोजेक्ट’ के तहत शासकीय सरदार वल्लभभाई पटेल स्कूल के विद्यार्थियों ने किया अडानी पावर प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ‘उड़ान प्रोजेक्ट’ के तहत शासकीय सरदार वल्लभभाई पटेल उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने बड़े भंडार स्थित अडानी पावर प्लांट का दौरा कर बिजली उत्पादन की आधुनिक तकनीकी प्रक्रिया को नजदीक से समझा।

बिजली उत्पादन की प्रक्रिया से हुए रूबरू

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान अडानी पावर प्लांट के प्रोजेक्ट अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मेगावाट बिजली उत्पादन की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। अधिकारियों ने बच्चों को प्लांट के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों जैसे:

  • अग्निशमन विभाग (Fire Safety)
  • सी.एच.पी. (CHP) विभाग
    इन विभागों का अवलोकन कराते हुए बच्चों को यह जानकारी दी गई कि कोयला और अन्य संसाधनों से बिजली कैसे तैयार की जाती है और इस दौरान किन-किन कड़े सुरक्षा मानकों (Safety Standards) का पालन किया जाता है।

अडानी समूह की ओर से बेहतरीन व्यवस्था

इस शैक्षणिक यात्रा को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए अडानी समूह की ओर से विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। इसमें आने-जाने के लिए बस सुविधा के साथ-साथ नाश्ते और भोजन का भी पूरा प्रबंध शामिल था।

मार्गदर्शन और शिक्षकों की सक्रिय भूमिका

यह पूरा शैक्षणिक भ्रमण स्कूल के प्राचार्य डॉ. बी.आर. पटेल के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। इस दौरान स्कूल के अन्य शिक्षकों—श्रीमती प्रीति पटेल, ममता पुरसेठ, डॉ. अहिल्या पण्डा एवं प्रीति प्रधान—ने सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी उपस्थिति से व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। इस यात्रा में विद्यालय के कुल 50 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों और प्राचार्य के अनुभव

  • प्राचार्य डॉ. बी.आर. पटेल ने बताया कि स्कूली पाठ्यक्रम (सिलेबस) के तहत विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रायोगिक (Practical) जानकारी देने के उद्देश्य से यह औद्योगिक भ्रमण कराया गया है। उन्होंने सफल और सुरक्षित भ्रमण के लिए पूरे अडानी समूह के प्रति आभार व्यक्त किया।
  • विद्यार्थियों का कहना था कि किताबों में उन्होंने केवल थ्योरी के रूप में पढ़ा था कि प्लांट का संचालन कैसे होता है और बिजली कैसे बनती है, लेकिन यहां आकर उन्हें व्यावहारिक रूप से देखने और सीखने को मिला कि बिजली कैसे बनती है और पूरे देश में उसकी सप्लाई कैसे की जाती है। इस यात्रा ने बच्चों के तकनीकी ज्ञान में सार्थक वृद्धि की है।
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